उरई, अक्टूबर 29 -- कालपी। संवाददाता किसानों की मुसीबत अभी टली नहीं है। मंगलवार को भी आसमान में घने बादल छाए रहे जिससे उन्हें बची फसलों के जाने की चिन्ता सताती रही है हालाकि बरसात नहीं हुई है। विगत कुछ वर्षो से मौसम किसानों का साथ नहीं दे रहा है। सब कुछ अच्छा होने के बाद आखिर में ऐसा कुछ हो जाता है जिससे उनकी उम्मीद टूट जाती है और ऐसा इस बार भी हुआ है। किसानों की माने तो अतिवृष्टि और बाढ से खरीफ की फसले न के बराबर हुई है हालाकि अच्छी और समय पर बरसात होने से ररबी की जिन्से खेतो मे सही ढंग से उग रही थी तो खेतो में खड़ी बाजरा और ज्वार की फसले भी ठीक दिख रही थी जिससे किसान खुश था लेकिन सोमवार सुबह से शुरू हुई बरसात ने उनकी मेहनत पर फिर से पानी फेर दिया है। बैरई निवासी किसान देवेन्द्र चतुर्वेदी के अनुसार वबेमौसम बरसात और साथ में हवा चलने से खेत...
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