भागलपुर, फरवरी 23 -- किशनगंज, संवाददाता। डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, अर्राबारी, किशनगंज में आत्मा-सुपौल के सौजन्य से सोमवार से 25 फ़रवरी 2026 तक तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम " ड्रैगन फ्रूट और चाय की खेती और विपणन " विषय पर केंद्रित है। प्रशिक्षण का उद्देश्य उत्तर-पश्चिमी बिहार के किसानों कों को ड्रैगन फ्रूट और चाय की वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना है। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता डॉ. बीरेंद्र प्रसाद, एसोसिएट प्रोफेसर सह वरिय वैज्ञानिक, डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज ने की और प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रैगन फ्रूट और चाय जलवायु परिवर्तन के इस युग में किसानों के लिए एक आशाजनक विकल्प है। इसकी खेती से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.