भागलपुर, सितम्बर 12 -- किशनगंज। गरीब परिवार में जन्म लेना अपने आप में कई चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन जब कोई बच्चा जन्म से ही सुनने की क्षमता से वंचित हो तो परिवार के सपने और भी भारी लगने लगते हैं। किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड के कालोगड़ा गांव के 16 माह के एक बच्चे की कहानी भी ऐसी ही थी। पीड़ित बच्चे के लिए यह एक असहनीय पीड़ा थी कि मासूम बच्चा जन्म से ही बहरेपन का शिकार है। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और इलाज की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। लेकिन सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) ने इस परिवार की जिंदगी में नई रोशनी लाई। बच्चे के स्वस्थ होने से जहां माता-पिता की खुशी है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि और आशा की कहानी है ।सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने कहा आरबीएसके की टीम ने जब गांव में नियमित जांच की, तो उन...
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