भागलपुर, जून 22 -- किशनगंज । एक प्रतिनिधि परिवार जितना छोटा, खुशहाली उतनी बड़ी।यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक मजबूत कदम है। जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार, आर्थिक स्थिरता और बेहतर जीवनशैली, यह सब कुछ परिवार नियोजन के माध्यम से ही संभव हो सकता है। इसके बावजूद आज भी समाज के एक वर्ग, खासकर पुरुषों में इस विषय को लेकर जागरूकता और पहल की कमी देखने को मिलती है। सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने बताया की राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के आंकड़े किशनगंज जिले की स्थिति स्पष्ट करते हैं। जिले की 25.3 प्रतिशत आबादी ही परिवार नियोजन के किसी न किसी साधन का उपयोग कर रही है। इनमें महिला नसबंदी 14.6 प्रतिशत, पुरुष नसबंदी मात्र 0.1 प्रतिशत, गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल 3.5 प्रतिशत...
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