संभल, फरवरी 25 -- शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अब छात्र-छात्राएं केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें विभिन्न ट्रेड्स में प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए लर्निंग बाय डूइंग मॉडल के तहत स्कूलों में अलग से कक्षाएं संचालित की जाएंगी। माध्यमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसमें कंप्यूटर अनुप्रयोग, सिलाई-कढ़ाई, इलेक्ट्रिकल कार्य, कृषि आधारित तकनीक, उद्यमिता विकास, हस्तशिल्प, ब्यूटी एवं वेलनेस जैसे ट्रेड्स शामिल किए जाएंगे। इन कक्षाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना और भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। विद्यालयों में इस य...