हाजीपुर, अक्टूबर 8 -- घंटी चाय की दुकान... हाजीपुर का गुदरी बाजार। सुबह से नौ बज रहे हैं। बाजार में चहल-पहल बनी हुई है। रोजाना की तरह घंटी की चाय की दुकान पर चाय चूल्हे पर चढ़ी उबाल मार रही है। दुकान में स्टूल और मेज पर बैठे लोग चाय की चुस्की लेने में व्यस्त है। अखबार भी रखा है। कोई अखबार पढ़ रहा है तो कोई मोबाइल पर रील्स देखने में व्यस्त है। इसी बीच अचानक अदरक और इलायची कूटते हुए घंटी बोल पड़ता है। का चच्चा इ बार केकरा जितावे ला हौ...। उधर से चचा ने गंभीर मुद्रा में थोड़ा रुककर कहा। देखल जतई...। चुनाव के दिन आवे दे। खिलाड़ी कौन-कौन मैदान में आ रहल हौ इ त देख ले। मौसम केकर बन रह हौ, इहो देख ले। घंटी इसी बीच फूट पड़ता है। का बताई चचा। वोट देवे ला पहुंचते सामने ईवीएम मशीन पर नजर पड़ते के साथ मन बदल जाता है। हर बार सोचते कुछ हैं, वहां जाने प...
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