आगरा, दिसम्बर 8 -- तीर्थ नगरी सोरों में हिंदी की राष्ट्रीय संस्था काव्यांगन के द्वारा वंदेमातरम काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ कवि सांत्वना पाराशर व शिवम अश्क ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर सरस्वती वंदना के साथ किया। गोष्ठी की अध्यक्षता डा. प्रभाकर पाराशरी ने की। सोरों में आयोजित काव्य गोष्ठी में में कवि अंकित पाल ने सीमा पर तैनात सैनिकों पर कविता पढ़ी कि यदि बांका बाल भी होगा तो केवल भाई की सेवा में, लग जाए प्राण की बाजी तो रघुराई की सेवा में। कवि व साहित्यकार डा. सांत्वना पाराशर ने रचना पढ़ी कि आई थी एक छांव छूकर चली गई, सकुचाती सी शरमाती सी जाने किधन चली गई। ओज के कवि शिवम अश्क ने कविता पढ़ी कि मैं उड़ता हूं तो उड़ता देखकर हैरान हैं कुछ लोग, मुझे गिराने के चक्कर में खुद गिर जाते हैं कुछ...