बागेश्वर, जनवरी 14 -- बागेश्वर, संवाददाता। जिले में सभी त्यौहार एक साथ मनाया जाता है, लेकिन घुघुतिया पर्व एक ऐसा पर्व है जो दो अलग-अलग दिन मनाया जाता है। सरयू नदी इसकी सीमा रेखा है। बुधवार की सुबह सरयू पार के लोगों ने घुघुतिया पर्व मनाया। बच्चों ने गले में घुघुते की माला पहनकर काले कौवा काले कहते हुए कौवों को न्यौता दिया, जबकि सरयू के लोग बुधवार को घुघुते बनाएंगे और गुरुवार को कौवों को न्यौता देंगे। पहले दिन कांडा, दुग-नाकुरी तथा कपकोट तहसील के लोगों के अलावा आधा जिला मुख्यालय ने यह पर्व मनाया। दूसरे दिन कत्यूर, खरेही व काफलीगैर तसहील क्षेत्र के लोग इसे मनाएंगे।
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