वाराणसी, दिसम्बर 12 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। पौष मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि गुरुवार को कालाष्टमी के रूप में काशी के भैरव मंदिरों में मनाई गई। भक्तों की आस्था का मुख्य केंद्र कालभैरव मंदिर रहा। भैरव के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर भक्तों ने उनसे अभय प्रदान करने की प्रार्थना की। कालाष्टमी के अवसर पर मंदिर में अद्भुत शृंगार किया गया। गर्भगृह, मुख्य मंडप से लेकर परिक्रमा मार्ग पर फलों, फूलों और पत्तियों से मनमोहक सजावट की गई। गर्भगृह के समक्ष बाबा का रजत विग्रह रखा गया। भगवान कालभैरव को फलों की विशेष माला धारण कराने के बाद रजत मुंड माला पहनाई गई। विग्रह के बगल में भगवान गणेश का स्वर्णिम आभा वाला विग्रह विराजमान कराकर अनार से बनी मालाएं अर्पित की गईं। खोवा से बनीं 12 मछलियां भी विशेष साज सज्जा के साथ अर्पित की गईं। इन मछलियों पर चांद...