उरई, जनवरी 1 -- कालपी। संवाददाता। बन्दरों की बढ़ती संख्या अब नगर की जनता के लिए मुसीबत बन गयी है। छतो पर पहुंचना पहले से ही खतरे से खाली नहीं था अब उनका आतंक सड़क तक आ गया है जिससे राह निकलना मुश्किल हो रहा है। वैसे तो नगर में बन्दरो की मौजूदगी दशको पुरानी है लेकिन यह कुछ विशेष क्षेत्रों तक ही सीमित थी जिससे लोगों को अधिक परेशानी नही थी लेकिन विगत एक दशक के लगभग से इनकी पहुँच नगर के ज्यादातर हिस्सो तक पहुँच गयी है। आलम यह है कि अब तो रेलवे स्टेशन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, टरननगंज बाजार,रावगंज, गणेशगंज, मनीगंज,रामचबूतरा आदि मुहल्ले इनके स्थाई ठिकाने बन गए है जिसकी वजह से लोगों की परेशानी‌ बढ़ गयी है। आलम यह है कि घरो के दरवाजे खुले नहीं रह सकते तो बाजार में दुकानदारों की दुकानो से सामान पलक झपकते ही गायब हो जाता है इसके अलावा लोगों को अप...