चतरा, अक्टूबर 19 -- चतरा, संवाददाता। 18 अक्टूबर शनिवार से दीपों का महापर्व दीपावली धनतेरस के साथ प्रारंभ हुआ है। इस बार दीपोत्सव 6 दिनों तक चलेगा। दीपोत्सव के दरमियान प्रत्येक दिन दीपदान के महत्व हैं। यह महीना भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, भुवन भास्कर, छठी मैया, व अन्य प्रमुख देवी-देवताओं की कृपा पाने का सबसे उत्तम समय माना जाता है। कार्तिक महीने में दीपदान का विशेष महत्व माना गया है। दीपदान का अर्थ है दीपक जलाकर किसी उपयुक्त स्थान पर दान करना या रखना। दीपदान किसी देवता, पवित्र नदी या किसी विद्वान ब्राह्मण के घर किया जाता है। मुख्य रूप से दीपदान जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए किया जाता है। दीपदान को ज्ञान और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक भी माना जाता है। खासकर कार्तिक मास में दीपदान का विशेष महत्व है और इससे अक्षय पुण्य मिलता है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.