मोतिहारी, नवम्बर 5 -- अरेराज निस। कार्तिक पूर्णिमा पर सदा नीरा नारायणी के गोविंदगंज शीत अन्य घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी और गंडक नदी के तट पर किया दान उपादान। इस अवसर पर पशु मेले का नहीं हो सका आयोजन। मेले में एक भी गाय बैल भी नहीं आए। नारायणी में स्नान करने के साथ ही जलबोझी कर श्रद्धालुओं ने सदा नीरा नारायणी नदी के जल से बाबा सोमेश्वरनाथ का जलाभिषेक भी किया । शास्त्रोक्त वर्णन के अनुसार वाल्मिकीनगर के त्रिवेणी से गज और ग्राह का युद्ध आरंभ हुआ था। नारायणी नदी का यही गोविंदगंज घाट है जहां गज ने ग्राह से रक्षा के लिए गोविंद की गुहार लगाते हुए कहा था , हे गोविंद राख शरण अब तो जीवन हारे। उसी समय से इस गोविंदगंज घाट पर नारायणी नदी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान करने की आध्यात्मिक परम्परा चली आ रही है जो आज तक कायम है।सीओ उदय प्...