औरैया, नवम्बर 5 -- कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को क्षेत्र में पारंपरिक श्रद्धा और भक्ति के साथ घर-घर तुलसी माता की पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु शयन से जागृत होते हैं और भक्त उनकी प्रिय तुलसी की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। सुबह से ही लोगों ने अपने आंगन और घरों में तुलसी चौरा को जल, रोली, दीपक और पुष्पों से सजाकर विधिपूर्वक पूजा की। महिलाओं ने मंगल गीतों और भजनों के साथ तुलसी माता की परिक्रमा करते हुए परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की प्रार्थना की। इस दौरान कई घरों में प्रसाद और पंचामृत वितरण भी किया गया। ग्रंथों के अनुसार यह दिन तुलसी विवाह के समापन का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा का पूजन परिवार...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.