रांची, दिसम्बर 5 -- रांची। विशेष संवाददाता हजारीबाग में वन भूमि घोटाले के आरोपी कारोबारी विनय कुमार सिंह के खिलाफ दर्ज मामले को हाईकोर्ट ने प्रथम द्रष्टया गंभीर, सुनियोजित और संगठित धोखाधड़ी का माना है। सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से पूरे मामले को अंजाम दिए जाने की बात पर कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज की है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि ऐसे स्टेज पर जमानत देना संभव नहीं है, क्योंकि प्रथम दृष्टया फर्जी दस्तावेज का निर्माण, डिजिटल डेटा का बड़े पैमाने पर डिलीट किया जाना, आरोपी और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के बीच वित्तीय लेन-देन तथा साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका स्पष्ट रूप से सामने आती है। कोर्ट ने कहा कि आरोप केवल जमीन विवाद से आगे बढ़कर कीमती सरकारी भूमि पर कब्जा करने की सुनियोजित मंशा को दर्शाते हैं, जिसके लिए फर्जी और मनगढ़ंत दस्ता...