कानपुर, जनवरी 14 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। डिजिटल होते युग में भागदौड़ भरी जिंदगी, समाज में पाश्चात्य सभ्यता का नकारात्मक असर और बढ़ते तनाव के कारण जीवन का सही उद्देश्य पीछे छूटता जा रहा है। हमारा मस्तिष्क इतने तरह के विचारों और काम की व्यस्तता से अस्त-व्यस्त हो गया है कि वह अंतरआत्मा के आगाह करने पर भी समझ नहीं पा रहा है। जिससे हम संतुलित जीवन, आनंद और अपने कार्यों, जीवन की सार्थकता एवं राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्व से विमुख होते दिख रहे हैं। यह बात डीएवी कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में मुख्य अतिथि आरके देवी मेमोरियल हॉस्पिटल स्वरूप नगर के निदेशक डॉ. अवध दुबे ने कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण करने वाले शिक्षकों को मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. अवध दुबे एवं कॉलेज के प्राचार्य प्रो....
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