उरई, नवम्बर 15 -- उरई। संवाददाता 19 साल की निरंतर मेहनत और संघर्ष से सेक्शन में संगठन को खड़ा करने वाले कर्मचारी नेता केके त्रिपाठी, जिन्हें शाखा सचिव से पदोन्नति कर मंडल उपाध्यक्ष बनाया गया। वह नेतृत्व की कार्यशैली से बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं। एक भेंट में उन्होंने बताया, जिस संगठन के लिए उन्होंने इतनी हाड़तोड़ मेहनत की। उससे यह सिला मिलेगा, उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी। शनिवार को प्रेस से बात करते हुए उन्होंने बताया कि मान्यता से लेकर ईसीसी चुनाव में प्रांतीय नेतृत्व से कोई सहयोग नहीं मिला। स्वयं व कर्मियों ने मिलकर चार लाख तीस हजार रुपये खर्च किए। पिछले कई साल हो गए। अभी तक एक भी रुपये नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि 2007 से वह संगठन के लिए काम कर रहे है। तब से 2025 आज तक अनेकों बार नार्थ सेंट्रल रेलवे मैंस यूनियन के मान्यता और ईसीसी के चुनाव...