शिमला, जनवरी 19 -- नशे के खिलाफ कानून भले ही सख्त हों, लेकिन जमीन पर उनकी मार उतनी असरदार नहीं दिख रही। शिमला जिला में पिछले 5 साल के आंकड़े बताते हैं कि ड्रग्स तस्करी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई अदालतों तक पहुंचते-पहुंचते कमजोर पड़ रही है। नतीजा यह है कि पकड़े गए हर चार तस्करों में से सिर्फ एक को ही सजा मिल पा रही है, जबकि बाकी आरोपी कानून की पकड़ से बाहर निकल जाते हैं। वर्ष 2021 से 2025 के बीच शिमला जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत ड्रग्स तस्करी के 391 मामले दर्ज किए गए। इनमें चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों से जुड़े मामले शामिल हैं। इन मामलों में पुलिस ने कई बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया और नशा गिरोहों का भी भंडाफोड़ किया, लेकिन अदालतों में सिर्फ 98 मामलों में ही दोषसिद्धि हो सकी। शेष 293 मामलों में आरोपी दोषमुक्त हो गए। इस तरह नशा तस्क...