लखीसराय, जनवरी 2 -- लखीसराय। सरकार एक ओर दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की बात करती है तो दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। लखीसराय जिला इसका जीवंत उदाहरण है, जहां स्टेशन, बैंक, सरकारी कार्यालय और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांगजनों के लिए मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। स्टेशन पर रैप, व्हीलचेयर, अलग काउंटर और सहायक कर्मी जैसी सुविधाएं कागजों में तो मौजूद हैं, लेकिन व्यवहार में दिव्यांग आज भी दूसरों की दया और मदद पर निर्भर हैं। स्टेशन पर सफर आज भी चुनौती: लखीसराय रेलवे स्टेशन जिले का प्रमुख और अत्यंत व्यस्त स्टेशन है। रोजाना हजारों यात्री यहां से सफर करते हैं लेकिन स्टेशन परिसर में दिव्यांगों के लिए समुचित रैंप की व्यवस्था नहीं है। प्लेटफॉर्म पर चढ़ने-उतरने के लिए सीढ़ियां ह...
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