लखनऊ, दिसम्बर 22 -- लखनऊ, संवाददाता। कानपुर के हैलेट अस्पताल से रेफर होकर केजीएमयू पहुंचे एक मरीज को आईसीयू बेड न मिलने पर दलालों ने उन्हें अपने चंगुल में फंसा लिया। दलाल ने खुद को केजीएमयू का डॉक्टर बताकर मरीज को सरकारी खर्च पर बेहतर इलाज का झांसा दिया और चौक के निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। निजी अस्पताल वाले लगातार रुपए जमा करवाते रहे तो परिवारीजनों ने हंगामा कर पुलिस बुलाई। पुलिस ने परिवारीजनों को शांत कराकर मरीज को दूसरे निजी अस्पताल भिजवाया, जहां डायलिसिस चल रही है। कानपुर के चिश्ती नगर निवासी जुबेर के मुताबिक उनके पिता एसएम हयामत (55) हेपेटाइटिस बी और गुर्दे की समस्या से पीड़ित हैं। कानपुर के हैलेट अस्पताल से मरीज को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। वह रविवार को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में पहुंचे। वहां आईसीयू बेड ख...