गौरव श्रीवास्तव, अगस्त 12 -- कानपुर में किदवई नगर की दुर्गावती को कई साल से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। एक हजार रुपये महीने उनके खाते में आते थे। मार्च में उनकी मौत हो गई लेकिन पेंशन खाते में आती रही। परिवार के लोगों ने न बैंक को सूचना दी और न विभाग को। बाद में सत्यापन के दौरान पता चला तब पेंशन रोकी गई। अब उनसे रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह गुजैनी की रागिनी देवी की मौत जनवरी में हो गई। परिजनों ने बात छुपा ली। निधन के बाद भी पेंशन आ रहा था। सत्यापन में गुजरने की जानकारी होने के बाद पेंशन बंद किया गया। यह दो मामले तो सिर्फ एक नजीर है। कानपुर जिले में 2163 बुजुर्गों की मृत्यु के बाद भी खाते में वृद्धावस्था पेंशन लगातार जा रही थी। समाज कल्याण विभाग ने सत्यापन कराया तो अफसरों के होश उड़ गए। छह महीने पहले मरने के बावजूद परिजनों ने पें...