कानपुर, नवम्बर 21 -- धान रोपाई के बाद भले ही जुलाई अगस्त में किसान अपने काम छोड़कर यूरिया खाद पाने के लिये सहकारी समितियों से लेकर निजी दुकानों तक लाइन में लगकर खड़ा होता रहा हो, लेकिन उनकी यूरिया को फैक्ट्रियों में गलाया जा रहा था। बुधवार को रनियां की दो औद्योगिक इकाईयों व उन्हें खाद आपूर्ति करने वालों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इसके पहले भी जैनपुर की एक इकाई पर मुकदमा हुआ था। जबकि एक दुग्ध उत्पाद से जुड़ी फैक्ट्री के मामले को दबा दिया गया था। धान की रोपाई के बाद किसान एक-एक बोरी खाद के लिये जूझ रहे थे। हालात यह थी कि भोर सुबह से ही वह समितियों के बाहर लाइन में लग रहे थे और दोपहर में परिवार के सदस्य उनका खाना लेकर समिति पर ही पहुंच रहे थे। लेकिन किसान कितना भी परेशान हो उसकी अनदेखी कर मिलावट खोर उद्योगों में प्रयोग होने वाली टेक्निकल ग्रेड खाद ...
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