कानपुर, नवम्बर 20 -- ब्रह्मधाम अखंड परमधाम आश्रम में चल रहें 33वें भक्ति योग वेदांत संत सम्मेलन एवं श्रीमद भागवत कथा शतचंडी महायज्ञ के छठवे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथावाचक महामंडलेश्वर स्वामी वेदानंद गिरी जी महाराज ने श्री कृष्ण और सुदामा चरित्र की मित्रता की कथा के साथ ऊषा चरित्र, नृग चरित्र, वासुदेव नारद संवाद, सुदामा प्रसंग, परीक्षित मोक्ष की कथा का बड़े ही रोचक अंदाज में वर्णन किया। कथा के दौरान कथा वाचक ने श्रोताओं को भागवत को अपने जीवन में उतारने की अपील की। उन्होंने कहाकि पत्नी के बार-बार कहने पर द्वारका पहुंचे सुदामा को महल के द्वारपालों ने रोक लिया। इस पर सुदामा बोले अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो दर पर सुदामा गरीब आ गया है। जैसे ही श्री कृष्ण को मित्र सुदामा के आने की जानकारी हुई भगवान पैदल ही दौड़े चले आए। सुदामा चरित्...