नई दिल्ली, जनवरी 21 -- "मुझे कानपुर का डीएम (DM) बनाया जा रहा है, बस फाइनल इंटरव्यू के लिए 72 लाख रुपये की जरूरत है।" होने वाले पति के मुंह से यह बात सुनकर ससुराल वालों को लगा कि उनका दामाद शहर का सबसे बड़ा अफसर बनने वाला है। पूरे जीवन की कमाई और जमा पूंजी उसके हवाले कर दी। ससुरालियों को क्या पता था कि जिसे आईएएस' (IAS) समझ रहे हैं वह एक शातिर जालसाज है। जब सच्चाई पता चली तो ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो गया। परेशान परिवार ने पुलिस की शरण ली। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जालसाज की तलाश शुरू कर दी है।रिश्तेदारों के सहारे ऐसे बिछाया जाल कानपुर के कल्याणपुर की रहने वाली युवती का रिश्ता उन्नाव निवासी एक युवक के जरिए नीतीश पांडे से हुआ था। नीतीश ने खुद को यूपीएससी (UPSC) सिलेक्टेड बताकर लड़की के परिवार का भरोसा जीत लिया। उसने बकायदा फर्जी जॉइनिंग लेट...
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