नई दिल्ली, जनवरी 14 -- जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बुधवार को कांग्रेस पर अपने शासनकाल के दौरान धर्म आधारित राजनीति के प्रति लचीली नीति अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि अगर पार्टी ने 77 साल पहले सांप्रदायिकता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया होता तो वह सत्ता से बाहर नहीं होती। मदनी ने कहा कि कांग्रेस की इस नीति से देश और संविधान दोनों को नुकसान पहुंचा। कहा, आज जिस तरह संविधान और लोकतांत्रिक चरित्रों को खुले तौर पर मिटाया जा रहा है, इसकी कल्पना आजादी आंदोलन में शामिल रहे हमारे पूर्वजों ने कभी नहीं की होगी। जिन रेखाओं पर आजाद भारत के संविधान की नींव रखी गई, अगर इन्हीं पर संविधान को पूरी ईमानदारी के साथ लागू कर दिया जाता तो आज हमें यह दिन न देखने पड़ते। मदनी ने कहा कि यह एक दुखद सत्य है कि कांग्रेस के नेताओं ने न ...