सुल्तानपुर, जनवरी 22 -- बालपुर, संवाददाता। सरयू नहर खंड- प्रथम एक ऐसी नहर परियोजना जिसका नाम सुनते ही गड़बडियों का एक प्रतिबिम्ब किसानों की आंखों के सामने झलकने लगता है। वर्षों बीत गए लेकिन न कुलाबा बना, न नाली जो आधे अधूरे बने वह निष्प्रयोज्य। स्थिति यह है कि खेतों में पानी पहुंचने की बात तो दूर अभी तक नहरों की सफाई तक नहीं हो सकी और विभाग सब ओके बता रहा है। किसान वैकल्पिक साधनों से सफाई करने को मजबूर हैं। बालपुर हजारी माइनर हो अथवा पूरे बहोरी, नहरें सूखी पड़ी हैं। जिसके कारण सैकडों हेक्टेयर में लगी गेहूं की फसल बिना सिंचाई के प्रभावित हो रही है। अधिकारियों की उदासीन रवैया व ठेकेदारों की मनमानी से खेतों तक पानी पहुंचाना तो बहुत दूर अभी तक नहर की सफाई तक नहीं हो पायी है और न ही कुलाबे बन पाये, जो कुलाबे अथवा नालियां बनाई गई वह चलने से पहल...
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