गौरीगंज, नवम्बर 8 -- अमेठी। संवाददाता जिले में छुट्टा पशुओं की समस्या एक बार फिर सिर उठाने लगी है। खेतों में पानी सूखने के बाद बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों से होते हुए गांवों की ओर लौट पड़े हैं। वहीं सड़कों से लेकर कस्बों तक में आवारा पशुओं की भरमार है। जिला प्रशासन ने इन पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया है, जो 15 नवंबर तक चलेगा। लेकिन इस अभियान का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं जिले में बने 126 गो-आश्रय स्थलों की स्थिति भी भगवान भरोसे है। नइन आश्रय स्थलों पर न तो नियमित रूप से हरा चारा और पशु आहार उपलब्ध हो पाता है, और न ही पशुओं के इलाज की कोई स्थायी व्यवस्था है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी या नेता जब निरीक्षण पर आते हैं, तभी कुछ व्यवस्था कर दी जाती है। बाद में हालात जस के तस बने रहते हैं। संग्रामपुर की सरैया कनू गौशाला म...