अलीगढ़, जनवरी 24 -- जवां, संवाददाता। भाई सोनू ने कहा कि हम तीनों भाईयों ने खुर्जा में बुआ के घर रहकर पढ़ाई की थी। मोनू बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहता था। हम लोग आएदिन बॉर्डर से आने वाली खबरों को सुनकर घबराते थे। लेकिन, मोनू बिल्कुल भी नहीं डरता था। ये तक कह देता कि कोई बात नहीं, एक दिन देश के लिए शहीद हो जाऊंगा। वह नवंबर में छुट्टी पर गांव आया था। पिता बोले- मुझे बेटे पर गर्व है...: मोनू की शहादत पर पूरा गांव गमगीन है। पिता बदहवास हो गए। उनकी तबीयत बिगड़ गई। पिता ने कहा कि मेरे जाबांज बेटे को बचपन से ही देश की सेवा करना का जुनून था। वह हमेशा अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी सैनिक के रूप में डटा रहता था। देशप्रेम के सामने उसे कुछ नजर नहीं आता है। मुझे बेटे पर बहुत गर्व था। तुम्हारा नाम लेकर जा रहा हूं...: मोनू की शादी साल 2023 में हाथ...