मैनपुरी, फरवरी 15 -- शहर के मोहल्ला सरावग्यान स्थित भगवान नेमिनाथ जिनालय में स्व. सुमेर चंद्र जैन की स्मृति में शिल्पा, शिखा, शिप्रा जैन के परिवार के सौजन्य से पार्श्वनाथ महामंडल विधान का आयोजन कराया गया। प्रात: श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा की गई। विधान में अखंड दीप साधना जैन ने प्रज्जवलित किया। संगीतमय पूजन के दौरान विधान का सौभाग्य रेखा, संगीता, आरती, बीना, संतोष, यामिनी, निशंका, साधना, झुमरी, सलोनी, सुधा व अनीता जैन को मिला। पंडित कमल कुमार जैन ने श्रद्धालुओं को पार्श्वनाथ विधान का महत्व बताया। कहा कि कल्याण मंदिर स्तोत्र विधान जैन धर्म में 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की आराधना की एक प्रमुख और चमत्कारी पूजा विधि है। आचार्य कुमुदचंद्र द्वारा रचित 44 श्लोकों के इस स्तोत्र का पाठ करने से कष्ट, बाधाएं और रोगों का नाश होता है। यह विधान ...