मधुबनी, अगस्त 26 -- पंडौल,एक संवाददाता। कश्मीर से कन्याकुमारी तक चल रही स्वर्वेद संदेश यात्रा सोमवार को मधुबनी पहुंची। इस अवसर पर सिसवा स्थित महर्षि सदाफल देव आश्रम परिसर में जय स्वर्वेद कथा एवं ध्यान साधना सत्र का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पूज्य संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज ने की। संत प्रवर ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन ईश्वर का महान प्रसाद है। हमारे भीतर अनंत शक्ति और आनंद का श्रोत मौजूद है। आत्मा के भीतर अन्तरात्मा रूप में ईश्वर विराजमान हैं, आवश्यकता है आध्यात्मिक ज्ञान और विहंगम योग ध्यान की। इसके अभ्यास से साधक का जीवन सर्वोन्मुखी विकास करता है। उन्होंने कहा कि आज मन पर नियंत्रण न होने से समाज में विसंगतियां बढ़ रही हैं। यूनेस्को का भी मानना है कि युद्ध की प्राचीरें कुत्सित मन से निकलती हैं, इसलिए म...