उरई, फरवरी 15 -- जालौन। बाराहीं देवी मेला एवं विकास प्रदर्शनी में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया। कवि और शायरों की की प्रस्तुतियां सुनकर श्रोतागण वाह वाह कर उठे। कवि सम्मेलन की शुरूआत अध्यक्षता कर रहे प्रख्यात कवि रवींद्र शर्मा व पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्षी दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। ऋतु चतुर्वेदी कोंच द्वारा मां वीणा वादिनी की वंदना प्रस्तुत की गई। उनके गाए गीत बहाना कोई भी लेकर मुझे हर दिन चिढ़ाता था, न जाने क्यों मुझे फिर भी कभी गुस्सा न आता था' सुनकर श्रोता झूम उठे। डॉ. मकीन सिद्दीकी की गजल 'मेरे हिस्से का सूरज खा गया वो, मुझे खुद को जालाना पड़ रहा है।' को सुनकर श्रोता तालियां बजाने को मजबूर हो गए। हास्य कवि प्रद...