बांका, नवम्बर 16 -- बांका, निज प्रतिनिधि। जिले में लंबे इंतजार के बाद अब शहनाईयों की गूंज सुनाई देने लगेगी। देवोत्थान एकादशी (देवउठनी एकादशी) के साथ दो नवंबर को चातुर्मास समाप्त हो गया है। इसके बाद क्षेत्र में विवाह का शुभ समय शुरू हो गया है। काशी पंचांग के अनुसार इस बार 18 नवंबर से शादी-विवाह के शुभ मुर्हूत की शुरूआत होगी। नवंबर और दिसंबर माह में विवाह के कुल 13 शुभ मुहूर्त हैं। सात जुलाई को चातुर्मास की शुरूआत होने के बाद चार महीने तक विवाह, मांगलिक व धार्मिक आयोजन पर लगी रोक अब समाप्त हो गई है। अब मंगलवार से बैंड-बाजार व बारात की धुन और मंगल गीत गूंजेगी। पंडित राधाकांत मिश्र के मुताबिक, चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिंद्रा में रहते हैं। इसलिए इस अवधि में विवाह और अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। देवोत्थान एकादशी पर भगवान को जगान...