मुंगेर, जनवरी 22 -- मुंगेर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। दिगबंर जैन समाज की ओर से नगर भवन में चल रहे पांच दिवसीय पंचकल्याणक प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन प्रातः काल नित्याभिषेक पूजन, महायाग मंडल आराधना से हुआ। आचार्य प्रमुख सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि चतुर्दिक जल रहे भारत सहित दुनिया की आग पंचकल्याणक यज्ञ से बुझेगी। आचार्य प्रमुख सागर महाराज ने बताया कि तैंतीस हजार वर्ष देवताओं की आयु होती है। इतने वर्षों के बाद देवता भोजन करते हैं। बताया कि पहला पंचकल्याणक यज्ञ आचार्य भरत चक्रवर्ती ने किया था और आखिरी वीरांगन मुनिराज करेंगे। कल्याणक के पहले क का अर्थ कर्तव्य है और अंतिम क कर्म को दर्शाता है। इसी कल्याणक साधना से मानवीय संसार को चातुर्दिक आपदा से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु को काजल लगाना या स्वयं क्रीम और रासाय...