संभल, दिसम्बर 8 -- श्री कल्कि कथा के दौरान रविवार को तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने भक्तों को भगवान कल्कि के दिव्य स्वरूप, उनके जीवन और आने वाले सतयुग की मनोहारी कथा सुनाकर वातावरण को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। पंडाल में बैठे श्रद्धालु हर शब्द में डूबे रहे, और बार-बार भगवान कल्कि महाराज की जय के जयकारे गूंजते रहे। महाराज ने बताया कि विवाह के पश्चात भगवान कल्कि को जय और विजय नामक दो संतानों की प्राप्ति हुई। इसके बाद वे हरिद्वार पहुंचे और पवित्र गंगा में स्नान कर अपना जीवनधर्म आरंभ किया। इस अलौकिक क्षण के साक्षी बनने के लिए अनेक मुनि, ऋषि और तपस्वी वहां उपस्थित हुए। इसी दौरान चंद्रवंश के राजा मरु तथा सूर्यवंश के राजा देवापि भी भगवान कल्कि से मिलने पहुंचे। प्रवचन के दौरान महाराज ने बताया कि हरिद्वार आगमन पर भगवान कल्कि ने...