सहारनपुर, दिसम्बर 7 -- गंगोह। कथा वाचक आचार्य सुधीर शर्मा ने कहा कि कलियुग मे भगवान की भक्ति कोई कठिन कार्य नहीं है। कहा कि कलियुग केवल नामआधारा जपत जपत नर होवे पारा। अर्थात भगवान का नाम लेने मात्र से ही मानव का कल्याण हो जाता है। होली चौंक पर जारी श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य सुधीर शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म लीला का मनोहारी वर्णन किया । राजा परीक्षित से भगवान शुकदेव महाराज ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है तब दुष्टों के विनाश और संसार के कल्याण करने के लिए भगवान अवतार लेते है। आचार्य की संगीतमयी चौपाइयों-जब-जब होई धर्म की हानि, बढहि असुर अधम अभिमानी, तब-तब धरि प्रभु मनुज शरीरा, हरहि कृपा निज सज्जन पीरा से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। बताया कि जेल में अवतार लेकर संतो व भक्तों का सम्मान बढ़ाया।
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