नई दिल्ली, जुलाई 25 -- सनातन धर्म में किसी भी पूजा-पाठ या फिर अच्छे काम के दौरान कलावा बांधने की प्रथा है। इसे रक्षासूत्र भी कहा जाता है। मान्यता है कि जिस किसी के भी हाथ में ये कलावा होगा, उससे दुनिया भर की बुरी नजर हमेशा दूर रहेगी। ऐसा भी माना जाना है कि कलावा के हाथ में होने से हमारी अच्छी ऊर्जा हमारे पास ही रहती है। साथ ही देवी देवताओं की कृपा भी हम पर लगातार बनी रहती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कलावा को लेकर कुछ नियम भी होते हैं जो अमूनन लोग नजरअंदाज ही करते हैं। कवाला को पहनने से लेकर उतारने के कई नियम है जोकि ज्योतिष शास्त्र में है। सबसे बड़ा एक सवाल जो हर किसी के मन में होता है कि आखिर कलावा को कितनी बार हाथ में लपेटना चाहिए? अगर आपको भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो नीचे डालें एक नजर...इतनी बार कलावा लपेटना होता है ...
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