रांची, फरवरी 24 -- रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट ने राज्य के कर्मचारी संगठनों और संविदा कर्मियों को गहरे असमंजस और निराशा में डाल दिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य सहियाओं, जल सहियाओं और पोषण सखियों को उम्मीद थी कि राज्य सरकार उनके मानदेय में वृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार हेतु विशेष बजटीय प्रावधान करेगी, किंतु बजट में ऐसी किसी ठोस घोषणा का अभाव दिखा। आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सहियाओं के मानदेय में बढ़ोतरी व पेंशन का कोई प्रावधान न होना निराशाजनक है। सरकार ने इन समर्पित कर्मचारियों की जायज मांगों को नजरअंदाज किया है। - अशोक कुमार सिंह नयन, प्रदेश अध्यक्ष, हेल्थ केयर एंड आंगनवाड़ी इम्प्लाइज फेडरेशन संविदा कर्मियों के स्थायीकरण और वेतनमान की लंबित अनुशंसाओं पर बजट मौन है। आउटसोर्सिंग और दैनिक वेतन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.