नई दिल्ली, फरवरी 25 -- IDFC फर्स्ट बैंक ने रविवार को अपने चंडीगढ़ शाखा में 590 करोड़ रुपये की संदिग्ध धोखाधड़ी का खुलासा किया, जो हरियाणा सरकार से जुड़े खातों से संबंधित है। बैंक के अनुसार, ब्रांच के कुछ कर्मचारियों ने "संभवतः बाहरी लोगों की मिलीभगत से" बैंक के बाहर खाता रखने वाले लाभार्थियों को धोखाधड़ी से पैसे ट्रांसफर किए। बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने इसे "स्पष्ट रूप से कर्मचारी धोखाधड़ी का मामला" बताया और कहा कि इसमें बाहरी लोगों के शामिल होने के भी सबूत हैं। यह राशि 490 करोड़ रुपये (रीकंसिलिएशन से पता चली) और अतिरिक्त 100 करोड़ रुपये (बैंक के अनुमानित) को मिलाकर बनी है। बैंक यह जांच कर रहा है कि पैसे ट्रांसफर और निकासी के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज (अधिकार पत्र और चेक) असली थे या जाली।बैंक पर कितना होगा वित्तीय असर? मिंट क...