जौनपुर, नवम्बर 15 -- मुंगराबादशाहपुर, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के इटहरा में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा वाचक शिवांगी किशोरी ने कपिल मुनि चरित्र एवं भगवान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का दिव्य और हृदयस्पर्शी वर्णन किया। उन्होने कपिल मुनि के उपदेशों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि कर्म, ज्ञान और भक्ति तीनों का समन्वय ही जीवन का सच्चा धर्म है। कपिल मुनि ने अपनी माता देवहूति को सांख्य योग का ज्ञान देकर बताया कि आत्मा शुद्ध, नित्य और अविनाशी है। इस प्रसंग के माध्यम से साध्वी ने श्रोताओं को जीवन में विवेक, संयम और साधना के महत्व का संदेश दिया। इसके पश्चात भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का मनमोहक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव का विवाह केवल देवताओं का नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि के मंगल का प्...