नई दिल्ली, नवम्बर 21 -- अनिवार्य अधिग्रहण से प्रभावित भूमि मालिकों को बड़ी राहत देते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुप्रिया एस. शेट्टी द्वारा दायर एक रिट याचिका को स्वीकार करते हुए उसके पक्ष में फैसला सुनाया। याचिका में राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार के लिए दिए गए मुआवजे पर आयकर काटे जाने को चुनौती दी गई थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एस. आर. कृष्णकुमार ने की। याचिकाकर्ता की ओर पेश अधिवक्ता धनंजय ने कहा कि न्यायमूर्ति कृष्णकुमार ने 2022 में एक फैसले में कहा था कि केआईएडीबी अधिग्रहण में आरएफसीटीएलएआरआर ढांचे के तहत निर्धारित मुआवजे पर टीडीएस या आयकर नहीं लगाया जा सकता। इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिससे यह पूरे कर्नाटक में लागू हो गया। इसी आधार पर वर्तमान मामले में अदालत ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। दरअसल्...
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