नई दिल्ली, जनवरी 3 -- बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने उस विवादास्पद अध्ययन को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है, जिस पर राज्य के 80 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने विश्वास जताते हुए चुनावी प्रक्रिया और ईवीएमएस को भरोसेमंद माना था। अगस्त 2025 के उस अध्ययन को कुछ दिन पहले सार्वजनिक किया गया था, लेकिन अब वह कर्नाटक निगरानी और मूल्यांकन प्राधिकरण (केएमईए) की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है। मालूम हो कि भाजपा इस अध्ययन के सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस पर हमलावर हो गई थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.