नई दिल्ली, फरवरी 4 -- कर्नाटक विधानसभा ने बुधवार को केंद्र से विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम को तुरंत रद्द करने और मनरेगा को फिर से लागू करने का आग्रह करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान भाजपा और उसकी सहयोगी जद (एस) के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। यह प्रस्ताव मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने पेश किया था, जिसे आज सदन ने स्वीकार कर लिया। प्रस्ताव पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष यू टी खादर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि भाजपा, सत्ताधारी कांग्रेस द्वारा लाए गए प्रस्ताव का विरोध करती है और विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी - जी राम जी) का समर्थन करती है। उन्होंने भाजपा की यह मांग भी दोहराई कि राजस्व मंत्री आर बी तिम्मापुर को इस्तीफा देना चाहिए क्यों...