नई दिल्ली, नवम्बर 29 -- गौतम अडानी समूह का अब कर्ज कम करने पर फोकस है। समूह ने बताया कि उसने साल 2030 तक अपने बही-खाते पर कुल ऋण एक लाख करोड़ रुपये तक रखने का लक्ष्य तय किया है। अडानी समूह के मुख्य वित्त अधिकारी जुगेशिन्दर (रॉबी) सिंह ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऐसा साल 2030 तक हो जाना चाहिए। कुछ चीजें हैं, जिन्हें कंपनी को सुलझाना है, जिन पर वह अपने बैंकिंग साझेदारों के साथ काम करेगी। सूत्रों के अनुसार, अडानी समूह पर कुल 2.6 लाख करोड़ रुपये का ऋण है। समूह की कंपनियों का सालाना परिचालन लाभ 90,000 करोड़ रुपये और 60,000 करोड़ रुपये की नकदी है।क्या है समूह की योजना? जुगेशिन्दर सिंह ने कहा, ''मुझे लगता है कि जोखिम के लिहाज से हम ऐसी स्थिति में रहना चाहते हैं कि हमारी वृद्धि योजना हमें किसी भी पूंजी तक पहुंचने पर निर्भर न करे। इसका मतल...