मुंगेर, फरवरी 13 -- धरहरा, एक संवाददाता। धरहरा प्रखंड के करैली गांव के पास स्थित प्राकृतिक करैली झरना क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होने के साथ-साथ पेयजल और सिंचाई का संभावित बड़ा स्रोत भी माना जाता है। बरसात के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र से गिरता पानी झरने का मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों और दूरदराज क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह झरना बारहों महीने बहने वाला प्राकृतिक जल स्रोत है, जिससे लोगों को काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। हालांकि बरसात के मौसम में इसकी जलधारा काफी तेज और चौड़ी हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि समुचित जल संरक्षण उपाय नहीं होने के कारण झरने का काफी पानी बर्बाद हो जाता है। झरने का पानी बहकर नीचे नदी में चला जाता है और बाद में भूगर्भ में समा जाता है।...