जामताड़ा, सितम्बर 1 -- करमा महोत्सव की तैयारी जोरों पर, लोगों में दिख रहा उत्साह जामताड़ा,प्रतिनिधि। करमा पूजा का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और प्रकृति पूजन का प्रतीक है। इस वर्ष बुधवार को जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और समृद्धि की कामना करती हैं और करम देवता की पूजा करती हैं। परंपरा के अनुसार, इस खास मौके पर करमा धरमा कथा का खास महत्व होता है। इस दिन प्रकृति और पेड़ों की भी पूजा की जाती है और भूमि की समृद्धि के लिए कामना की जाती है। भादो मां के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मानता है करमा: हिंदू पंचांग के अनुसार, करमा पर्व हर साल भादो माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि बुधवार, 3 सितंबर को सुबह 4:53 बजे प्रारंभ होगी, जो अगले...
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