जामताड़ा, जनवरी 21 -- करमदहा मेला बना ग्रामीण संस्कृति की पहचान नारायणपुर, प्रतिनिधि। नारायणपुर प्रखंड में लगने वाला 15 दिवसीय ऐतिहासिक करमदहा मेला इन दिनों पूरे शबाब पर है। मेले के सातवें दिन बुधवार को दूर-दराज से आए सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी। मेला देखने पहुंचे श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम करमदहा स्थित दुखिया बाबा मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की, इसके बाद मेला परिसर में घूमते हुए मनोरंजन के साधनों का आनंद लिया और आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की। इस वर्ष करमदहा मेला आस्था, परंपरा और मनोरंजन का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है। सैलानियों को आकर्षित करने के लिए मौत का कुआं, सर्कस, ब्रेक डांस, टोरा-टोरा, रिकॉर्डिंग डांस (चित्रहार), जादूगर, अप्पू ट्रेन, ड्रैगन, छोटे-बड़े झूले और मीना बाजार जैसे कई आकर्षण मौजूद हैं। यह ऐतिहासिक मेला प्रत्येक वर्ष ...
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