हापुड़, फरवरी 12 -- कम्युनिस्ट पार्टी ने ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया। इस संबंध में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर अंकित वर्मा को सौंपा। ज्ञापन में श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, युवाओं एवं आमजन से जुड़े गंभीर सवालों को उठाते हुए सरकार की जनविरोधी नीतियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने, सार्वजनिक संस्थाओं के निजीकरण और रोजगार के अवसरों को समाप्त करने की दिशा में हैं। चारों श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इन्हें तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। सीटयू के नेता हर्षित ने कहा कि बिजली विधेयक-2026, बीज विधेयक-2026 तथा स्मार्ट मीटर जैसी योजनाएं आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाली हैं।

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