कानपुर, दिसम्बर 29 -- गंभीर अपराधों में फर्जी दस्तावेजों से जमानत लेने अथवा एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग मुकदमों में बार-बार जमानत लेने जैसी घटनाएं नई नहीं हैं। जमानतगीरों का पूरा सिंडीकेट है जो यह काम कर रहा है। कमिश्नरेट पुलिस अब इस सिंडीकेट पर डंडा चलाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुलिस ने ऑपरेशन जमानतगीर शुरू किया है जो पिछले एक दिसंबर से चल रहा है। इस दौरान करीब 600 जमानतगीरों का सत्यापन किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक पिछले दो वर्षों में बड़े अपराधों में ली गई जमानतों की जांच की जा रही है। नोडल अधिकारी एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार को बनाया गया है। साइबर अपराध, हत्या और लूट जैसे गंभीर मुकदमों में अपराधियों की जमानत लेने वालों और फर्जी दस्तावेज देर जमानत लेने वालों पर पुलिस की नजर है। पिछली एक दिसंबर से इस पर पुलिस ने काम शुरू किया ...