संतकबीरनगर, फरवरी 13 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में कभी रेडियो हर घर की शान हुआ करता था। वर्तमान समय में कबाड़ में भी रेडियो देखने को नहीं मिलता है। नई पीढ़ी को तो ये भी नहीं पता कि रेडियो से चैनल कैसे लगाया जाता है। हालांकि अभी भी कुछ घरों में रेडियो देखने को मिल जाता है। जो इसके शौकीन हैं वो आज भी इसका प्रयोग करते हैं। पुराने लोग आज भी सुबह और शाम का समाचार रेडियो पर ही सुनते हैं। लेकिन इनकी संख्या गिनी चुनी है। रेडियो बेचने वाली दुकानें भी अब नहीं के बराबर हैं। कभी रेडियो के खरीददारों की लाइन लगी रहती थी। छोटे से लेकर बड़े ट्रांजिस्टर का स्टॉक दुकानों में रहता था, लेकिन अब एक भी नहीं है। कभी कभार इक्के-दुक्के ग्राहक ही आते हैं। पहले के जमाने का रेडियो भी नहीं रह गया है। अब हाईटेक एफएम रेडियो बाजार में है। लेकिन उसक...