अररिया, नवम्बर 25 -- अररिया, वरीय संवाददाता हिन्दी सिनेमा के ही-मैन अब इस दुनिया में धर्मेन्द्र नहीं रहे। लेकिन उनके संवेदनशील व्यक्तित्व को लोग आज भी नहीं भूला पा रहे हैं। उनके जाने के बाद उनकी यादें भी अब ताजी हो रही है। आंखें नम हो रही है। 70 के दशक में प्रसिद्ध कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु की अमर कृति 'मैला आंचल' पर आधारित हिन्दी फिल्म 'डाग्दर बाबू' की शूटिंग के दौरान धरम पाजी ने भद्रेश्वर में एक 23 वर्षीय युवक को सीने में लगाकर पीठ थपथपाई थी। जिसे याद कर वह युवक आज भी भावुक हो उठता था। रोमांचित हो जाता है। चेहरे मायूस हो जाती है। वह युवक कोई और नहीं बल्कि रेणु के बड़े बेटे व फारबिसगंज के विधायक रहे पद्मपराग राय 'बेणु' हैं। उन दिनों की याद करते हुए 72 वर्षीया बेणु ने 'हिन्दुस्तान' को बताया कि तब फारबिसगंज के कई गांव में 'डाग्दर बाबू' की शुट...
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