नई दिल्ली, अक्टूबर 31 -- आपने कई बार सुना होगा कि मानव जीवन बड़ी मुश्किल से मिलता है तो इसकी कद्र करनी चाहिए। तो वहीं कुछ लोग कहते हैं कि मानव जीवन मिलना बड़े ही सौभाग्य की बात होती है। माना जाता है कि 84 लाख योनियों को पार करने के बाद ही मानव जीवन मिलता है। कई लोग इसे मानते हैं तो कुछ लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं। हालांकि ये बोला जाता है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी जिंदगी के हर एक लम्हे को खुलकर जीना चाहिए क्योंकि जिंदगी एक ही बार मिलती है बार-बार नहीं। 84 लाख योनियों वाली बात कितनी सही है या नहीं है, इसे लेकर कई लोगों के मन में सवाल रहते हैं। एक ऐसे ही शख्स ने प्रेमानंद महाराज से इससे ही जुड़ा सवाल पूछा।सर्प योनि के बारे में बताई ये बात वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज से एक शख्स ने पूछा कि 84 लाख योनियों का सफर आखिर कब खत्म हो...